गांधी युग नोट्स पार्ट-1: जीवन परिचय, दक्षिण अफ्रीका प्रवास एवं भारत आगमन (1869-1915)

गांधी युग नोट्स पार्ट 1 (1869-1915): भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत महात्मा गांधी के विचारों, संघर्षों और उनके सिद्धांतों से होती है। यदि आप B.A., M.A. या UPPSC, UPSC, SSC और Railway जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो यह विस्तृत मास्टर गाइड आपके लिए एक ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ है। इस भाग में हम गांधी जी के व्यक्तिगत जीवन, उनकी प्रमुख पुस्तकों, उपाधियों, दक्षिण अफ्रीका के ऐतिहासिक सत्याग्रहों और 1915 में उनके भारत आगमन तक के सभी महत्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी तथ्यों को गहराई से समझेंगे, ताकि आपको अलग से कोई अन्य पुस्तक न पढ़नी पड़े।

भारतीय आधुनिक इतिहास (Modern Indian History) को अगर सही मायनों में समझना है, तो हमें ‘गांधी युग’ को गहराई से समझना होगा। इसी उद्देश्य से हम आपके लिए गांधी युग नोट्स पार्ट 1 लेकर आए हैं। स्वतंत्रता संग्राम का यह चरण न केवल हमारी आजादी की नींव है, बल्कि B.A., M.A. की यूनिवर्सिटी परीक्षाओं से लेकर UPPSC, UPSC, SSC, Railway और State Exams तक—हर प्रतियोगिता परीक्षा का सबसे पसंदीदा टॉपिक भी है।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए, हमने आपके लिए गांधी युग Quick Revision Series” तैयार की है। इसका उद्देश्य आपको लंबे और उबाऊ पैराग्राफ में उलझाना नहीं, बल्कि टू-द-पॉइंट (To-the-Point) और सटीक कॉन्सेप्ट समझाना है ताकि परीक्षा हॉल में उत्तर लिखते समय या MCQs सॉल्व करते समय आपको कोई कंफ्यूजन न रहे।

Table of Contents

इस पार्ट-1 (Part-1) में हम क्या-क्या कवर करेंगे?

गांधी जी अचानक एक दिन में महात्मा या राष्ट्रनेता नहीं बने थे। इसके पीछे उनके जीवन के अनुभव, विचार और संघर्षों की एक लंबी श्रृंखला थी। इसलिए पार्ट-1 में हम निम्नलिखित बिंदुओं पर क्रमानुसार चर्चा करेंगे:

  1. मोहनदास से महात्मा तक का व्यक्तिगत सफर: (गांधी जी का जन्म, परिवार, शुरुआती जीवन और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्ति)।
  2. विचारधारा और प्रभाव: वे कौन से दार्शनिक, पुस्तकें और धर्म थे जिन्होंने गांधी जी के ‘अहिंसा’ और ‘सत्याग्रह’ के विचार को गढ़ा।
  3. दक्षिण अफ्रीका का संघर्ष (1893 – 1914): वह ‘प्रयोगशाला’ जहाँ गांधी जी ने पहली बार सत्याग्रह के हथियार को परखा (पीटर्मारिट्ज़बर्ग (Pietermaritzburg) की घटना से लेकर टॉल्स्टॉय फार्म तक)।
  4. 9 जनवरी 1915 — भारत वापसी: स्वदेश आगमन, गोपाल कृष्ण गोखले से मुलाकात और भारत भ्रमण की कहानी।

टीचर टिप (Teacher’s Advice): इतिहास को तारीखों के बोझ की तरह मत रटिए आइए, इसे घटनाओं की एक क्रमिक कड़ी के रूप में आसानी से समझते हैं। अगर आप इस पार्ट-1 को अच्छे से समझ लेते हैं, तो आगे आने वाले असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन को समझना आपके लिए बेहद आसान हो जाएगा।

चलिए, बिना किसी देरी के गांधी युग पार्ट1 की शुरुआत करते हैं..

परीक्षाओं के दृष्टिकोण से महात्मा गांधी के प्रारंभिक एवं व्यक्तिगत जीवन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्य नीचे क्रमबद्ध तरीके से दिए गए हैं:

  • पूरा नाम: मोहनदास करमचन्द गाँधी
  • जन्म तिथि एवं दिन: 2 अक्टूबर 1869 (दिनशुक्रवार)
  • जन्म स्थान: काठियावाड़, पोरबंदर (गुजरात)
  • अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस: संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • मृत्यु तिथि एवं स्थान: 30 जनवरी 1948, दिल्ली (बिड़ला हाउस में शाम की प्रार्थना सभा के दौरान नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर)।
  • गांधी जी के अंतिम शब्द: हे राम!”
  • समाधि स्थल: राजघाट, नई दिल्ली।
  • पिता का नाम: करमचन्द गाँधी (उपनाम – काबा गाँधी) ।

परीक्षा तथ्य: इनके पिता पोरबंदर, राजकोट और बीकानेर रियासत के दीवान (प्रधानमंत्री)  रहे।

माता का नाम: पुतलीबाई।

·  जैन धर्म का प्रभाव: पुतलीबाई और उनके परिवार पर वैष्णव संप्रदाय (प्रणामी पंथ) के साथ-साथ जैन धर्म का बहुत गहरा प्रभाव था।

·  गांधी जी के जीवन पर असर: माता के इसी धार्मिक आचरण, उपवास-व्रत और जैन धर्म की अहिंसक परंपराओं का मोहनदास पर गहरा असर पड़ा। इसी प्रेरणा से गांधी जी ने आगे चलकर अहिंसा‘ (Non-violence) और सत्य‘ (Truth) को अपने व्यक्तिगत जीवन तथा स्वतंत्रता संग्राम का मुख्य आधार बनाया।

  • दादा का नाम: उत्तमचन्द गाँधी (ओटा गाँधी)
  • विवाह एवं पत्नी: 1883 ई. में 13 वर्ष की अल्पायु में कस्तूरबा माखन (कस्तूरबा गांधी) से विवाह हुआ।
    • विशेष: कस्तूरबा गांधी उम्र में गांधी जी से 1 वर्ष बड़ी थीं। उन्हें प्यार से सभी बा कहकर बुलाते थे।
  • गांधी जी के 4 पुत्र (4 Sons):
    • हरिलाल (1888 – सबसे बड़े पुत्र)
    • मणिलाल (1892)
    • रामदास (1897)
    • देवदास (1900 – सबसे छोटे पुत्र)
  • गांधी जी के पांचवें पुत्र‘ (Adopted/5th Son): प्रसिद्ध उद्योगपति एवं स्वतंत्रता सेनानी जमनालाल बजाज को गांधी जी का ‘पांचवां पुत्र’ माना जाता है।
  • भतीजा (मगनलाल गांधी): इन्होंने ही गांधी जी को सबसे पहले सदाग्रह (सत्य के लिए आग्रह) शब्द का सुझाव दिया था, जिसे बाद में गांधी जी ने संशोधित करके सत्याग्रह नाम दिया।

प्रतियोगी परीक्षाओं में महात्मा गांधी के जीवन को प्रभावित करने वाले उनके गुरुओं, शिष्यों और व्यक्तिगत सहयोगियों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। नीचे सभी महत्वपूर्ण तथ्य क्रमबद्ध रूप में दिए गए हैं:

  • राजनैतिक गुरु (Political Guru):गोपाल कृष्ण गोखले
    • परीक्षा तथ्य: गांधी जी 1915 में भारत लौटने पर गोखले जी के विचारों से ही प्रभावित हुए थे और उन्हीं की सलाह पर 1 वर्ष तक ‘राजनीतिक पर्यवेक्षक’ के रूप में पूरा भारत भ्रमण किया था।
  • आध्यात्मिक गुरु (Spiritual Gurus):
    • लियो टॉल्स्टॉय (Leo Tolstoy): गांधी जी पर सर्वाधिक प्रभाव रूसी साहित्यकार टॉल्स्टॉय की पुस्तक “The Kingdom of God is Within You” का पड़ा था।
    • श्रीमद् राजचंद्र (दार्शनिक गुरु): भारत में गांधी जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक गुजराती कवि एवं दार्शनिक श्रीमद् राजचंद्र थे, जिनसे गांधी जी ने अहिंसा और आत्म-शुद्धि का पाठ सीखा।
  • प्रमुख शिष्याएँ (Disciples):
    • मीरा बेन (Mirabehn):
      • परीक्षा तथ्य (वास्तविक नाम): इनका वास्तविक नाम मेडेलिन स्लेड (Madeleine Slade) था। यह एक ब्रिटिश नौसेना अधिकारी की पुत्री थीं, जो गांधी जी के विचारों से प्रभावित होकर भारत आईं और गांधी जी ने इन्हें ‘मीरा बेन’ नाम दिया।
    • सरोजिनी नायडू: गांधी जी की प्रमुख भारतीय शिष्या और सहयोगी, जिन्होंने 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान ‘धरासणा नमक सत्याग्रह’ का ऐतिहासिक नेतृत्व किया था।
  • व्यक्तिगत सचिव / निजी सुरक्षा (Personal Secretaries):
    • महादेव देसाई: गांधी जी के सबसे भरोसेमंद और लंबे समय तक रहे मुख्य निजी सचिव। (1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान आगा खां पैलेस जेल में इनका निधन हो गया था)
    • प्यारेलाल (प्यारेलाल नैयर): महादेव देसाई के निधन के बाद प्यारेलाल जी महात्मा गांधी के मुख्य निजी सचिव बने।
  • व्यक्तिगत चिकित्सक (Personal Physician):डॉ० सुशीला नैयर
    • परीक्षा तथ्य: यह प्यारेलाल जी की बहन थीं और गांधी जी की निजी चिकित्सक होने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत की पहली महिला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी बनीं।
  • घनिष्ठ विदेशी सहयोगी (Foreign Associate):सी.एफ. एंड्रयूज (Charles Freer Andrews)
    • परीक्षा तथ्य: दक्षिण अफ्रीका से लेकर भारत तक गांधी जी के सुख-दुख के साथी रहे। गांधी जी ने इन्हें दीनबंधु (गरीबों का बंधु/मित्र) की उपाधि दी थी।

प्रतियोगी परीक्षाओं में महात्मा गांधी को विभिन्न ऐतिहासिक हस्तियों, नेताओं और ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा दी गई उपाधियों से संबंधित प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं। नीचे सभी प्रमुख उपाधियाँ, उनके देने वाले व्यक्ति तथा उनसे संबंधित परीक्षा-उपयोगी तथ्य तालिका (Table) के रूप में दिए गए हैं:

परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि गांधी जी ने अपनी कौन सी उपाधि किस घटना के विरोध में लौटाई थी?

  • कैसरहिंद: जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) और असहयोग आंदोलन (1920) के दौरान लौटाई।
  • इसी प्रकार रवींद्रनाथ टैगोर ने जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में अपनी नाइटहुड‘ (Knight-hood / सर) की उपाधि लौटाई थी।

प्रतियोगी परीक्षाओं में महात्मा गांधी द्वारा रचित पुस्तकों, उनकी आत्मकथा तथा उनके द्वारा संपादित समाचार पत्रों से संबंधित प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं। नीचे सभी रचनाओं का विस्तृत विवरण स्थान, वर्ष, भाषा और परीक्षा-उपयोगी तथ्यों के साथ दिया गया है:

  1. लंदन गाइड (London Guide – 1888):
    1. विशेष तथ्य: यह लेखक के रूप में महात्मा गांधी की प्रथम पुस्तक थी। इसे उन्होंने लंदन में अपनी पढ़ाई के दौरान भारतीय छात्रों के मार्गदर्शन के लिए लिखा था।
  2. इंडियन फ्रेंचाइजी (An Appeal to Every Briton in South Africa – 1895):
    1. स्थान/विषय: दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के मताधिकार (Voting Rights) छीने जाने के विरोध में अंग्रेजी में लिखी गई पुस्तिका।
  3. गाइडटूहेल्थ (A Guide to Health):
    1. विषय: स्वास्थ्य, आहार, प्राकृतिक चिकित्सा और ब्रह्मचर्य पर गांधी जी के विचारों का संकलन।
  4. My Early Life:
    1. विषय: गांधी जी के बचपन और शुरुआती जीवन के संस्मरणों का संग्रह।
  5. My Childhood:
    1. विषय: प्राथमिक शिक्षा और पोरबंदर व राजकोट में बीते दिनों का वर्णन।
  6. India of My Dreams (मेरे सपनों का भारत):
    1. विषय: आजाद भारत के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और ग्राम स्वराज के ढांचे पर गांधी जी के विचारों का संकलन।
  7. हिन्द स्वराज (Hind Swaraj – 1909):
    1. भाषा: मूल रूप से गुजराती भाषा में।
    1. स्थान/सुलभ संदर्भ: गांधी जी ने यह पुस्तक 1909 में इंग्लैंड से दक्षिण अफ्रीका लौटते समय एस.एस. किल्डोनन कैसल‘ (SS Kildonan Castle) नामक समुद्री जहाज पर लिखी थी।
    1. परीक्षा तथ्य: इसमें पश्चिमी सभ्यता और आधुनिक मशीनीकरण की तीव्र आलोचना की गई थी। ब्रिटिश सरकार ने 1910 में इस पुस्तक पर प्रतिबंध (Ban) लगा दिया था।
  8. सर्वोदय (Sarvodaya):
    1. विशेष तथ्य: जॉन रस्किन (John Ruskin) की प्रसिद्ध पुस्तक “Unto This Last” का गांधी जी द्वारा गुजराती भाषा में किया गया अनुवाद।
  9. अनाशक्ति योग (Anasakti Yoga):
    1. स्थान/विषय: 1929 में उत्तराखंड के कौसानी (अल्मोड़ा) प्रवास के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता पर लिखा गया प्रसिद्ध टीका/भाष्य।
  • शीर्षक:सत्य के साथ मेरे प्रयोग” (My Experiments with Truth)
    • प्रकाशन वर्ष: 1925 से 1929 के बीच साप्ताहिक रूप से प्रकाशित।
    • मूल भाषा: गुजराती (यह मूल रूप से ‘नवजीवन’ पत्रिका में किश्तों में छपती थी)।
    • हिन्दी अनुवाद: काशीनाथ त्रिवेदी
    • अंग्रेजी अनुवाद: महादेव देसाई (गांधी जी के निजी सचिव)
    • परीक्षा तथ्य: इस आत्मकथा में गांधी जी के बचपन से लेकर 1921 के असहयोग आंदोलन तक के जीवन का विस्तृत विवरण मिलता है।

1893 ई. में 24 वर्ष की आयु में गांधी जी गुजरात के पोरबंदर के एक धनवान भारतीय मुस्लिम व्यापारी दादा अब्दुल्ला (Dada Abdulla) का मुकदमा (व्यापारिक विवाद) लड़ने के लिए डरबन (दक्षिण अफ्रीका) गए थे। वे केवल 1 वर्ष के लिए गए थे, लेकिन वहाँ के रंगभेद और अत्याचारों को देखकर वे 21 वर्षों तक दक्षिण अफ्रीका में ही रुके।

नीचे दक्षिण अफ्रीका में गांधी जी द्वारा किए गए सभी प्रमुख कार्यों, आंदोलनों और स्थापित संस्थाओं का कालानुक्रमिक (Chronological) विवरण दिया गया है:

  • क्या हुआ: गांधी जी डरबन से प्रिटोरिया के लिए प्रथम श्रेणी (First Class) का टिकट लेकर ट्रेन से यात्रा कर रहे थे।
  • घटना का स्थान: पीटर्मारिट्ज़बर्ग (Pietermaritzburg) रेलवे स्टेशन।
  • कारण: एक यूरोपीय (श्वेत) यात्री के एतराज करने पर, केवल उनके रंग (अश्वेत/भारतीय) के कारण रेल अधिकारियों ने उन्हें जबरन प्रथम श्रेणी के डिब्बे से बाहर निकाल दिया और भारी ठंड में स्टेशन के वेटिंग रूम में पूरी रात बितानी पड़ी।
  • ऐतिहासिक महत्व: इसी अपमानजनक घटना ने गांधी जी के मन में नस्लवाद और अन्याय के खिलाफ लड़ने का संकल्प पैदा किया।
  • स्थापना वर्ष एवं स्थान: 1894, नटाल (दक्षिण अफ्रीका)।
  • उद्देश्य: दक्षिण अफ्रीका में रह रहे भारतीय व्यापारियों और मजदूरों को एकजुट करना और उनके राजनीतिक अधिकारों के लिए अहिंसक लड़ाई लड़ना।
  • परीक्षा तथ्य: यह गांधी जी द्वारा स्थापित पहली राजनीतिक संस्था थी। गांधी जी इसके संस्थापक सचिव (Honorary Secretary) बने।
  • स्थापना वर्ष एवं स्थान: 1904, डरबन के पास फिनिक्स (दक्षिण अफ्रीका)।
  • प्रेरणा: जॉन रस्किन (John Ruskin) की पुस्तक “Unto This Last” से प्रभावित होकर इसकी स्थापना की गई।
  • उद्देश्य: सामुदायिक जीवन, शारीरिक श्रम, सादगी और सत्याग्रहियों के परिवारों को आश्रय देना।
  • परीक्षा तथ्य: यह गांधी जी द्वारा स्थापित पहला आश्रम था। यहीं से ‘इंडियन ओपिनियन’ अखबार का मुद्रण (Printing) भी होता था।
  • एशियाटिक रजिस्ट्रेशन एक्ट (1906): इस काले कानून के तहत ट्रांसवाल (दक्षिण अफ्रीका) की ब्रिटिश सरकार ने प्रत्येक भारतीय के लिए अपनी उंगलियों के निशान (Fingerprints) देकर पंजीकरण कराना और हर समय पहचान-पत्र (Pass) पास रखना अनिवार्य कर दिया था।
  • सत्याग्रह का प्रथम प्रयोग (सितंबर 1906): इस कानून के विरोध में 11 सितंबर 1906 को जोहान्सबर्ग के ‘इम्पीरियल थिएटर’ में गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर सत्याग्रह करने का पहला संकल्प लिया।
  • प्रथम जेल यात्रा (1908): पंजीयन कानून (Black Act) का उल्लंघन करने के कारण जनवरी 1908 में गांधी जी को पहली बार 2 माह के कारावास की सजा हुई और उन्हें जोहान्सबर्ग (ट्रांसवाल) जेल भेजा गया।
  • स्थापना वर्ष एवं स्थान: 30 मई 1910, जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका)।
  • सहयोगी: अपने जर्मन शिल्पकार/वास्तुकार मित्र हर्मन कालेनबाख (Hermann Kallenbach) के सहयोग से। कालेनबाख ने 1100 एकड़ ज़मीन मुफ्त में दी थी।
  • उद्देश्य: सत्याग्रहियों के परिवारों को आवास, स्वावलंबन और व्यावसायिक प्रशिक्षण (जैसे चप्पल बनाना, बढ़ईगिरी आदि) देना।
  • परीक्षा तथ्य: इसे ही बाद में गांधी आश्रम के नाम से जाना गया।
  • विवाद के मुख्य 3 कारण:
    • 3-पौंड वार्षिक कर (3-Pound Tax): अनुबंध (Agreement) खत्म होने के बाद दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले पूर्व भारतीय गिरमिटिया मजदूरों पर लगाया गया अत्यधिक लगान।
    • गैरईसाई विवाहों की अमान्यता: मार्च 1913 में केप सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया कि ईसाई रीति-रिवाज से इतर हुए सभी भारतीय/मुस्लिम/हिंदू विवाह अवैध माने जाएंगे।
    • गिरमिटिया प्रथा (Indentured Labour System): भारतीय मजदूरों के साथ बंधुआ मजदूरी का बर्बर व्यवहार।
  • महान दांडी यात्रा (Great March 1913): गांधी जी ने इसके विरोध में न्यूकैसल से ट्रांसवाल तक लगभग 222 मील की ऐतिहासिक पदयात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें हजारों भारतीय मजदूरों और महिलाओं (कस्तूरबा गांधी सहित) ने भाग लिया।
  • परिणाम (गांधीस्मट्स समझौता 1914): ब्रिटिश सरकार के जनरल स्मट्स (General Smuts) को झुकना पड़ा। इंडियन रिलीफ एक्ट 1914′ पारित कर 3-पौंड टैक्स रद्द किया गया, भारतीय विवाहों को वैध माना गया और गिरमिटिया प्रथा को व्यावहारिक रूप से समाप्त कर दिया गया।
  1. गांधी जी ने अपने जीवन का पहला सत्याग्रह कहाँ और कब किया था?” — सही उत्तर दक्षिण अफ्रीका (1906) है। यदि पूछा जाए कि भारत में पहला सत्याग्रह कहाँ किया?” — तब उत्तर चंपारण (1917) होगा।
  2. गांधी जी द्वारा स्थापित पहला आश्रम कौन सा था?”फिनिक्स आश्रम (1904, डरबन)

21 वर्षों तक दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह के सफर के बाद 45 वर्ष की आयु में महात्मा गांधी स्थायी रूप से भारत वापस लौटे।

नीचे भारत आगमन और उनके शुरुआती दिनों से जुड़े सभी अति-महत्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी तथ्य दिए गए हैं:

  • भारत आगमन की तिथि: 9 जनवरी 1915
  • स्थान जहाज: गांधी जी और कस्तूरबा गांधी इंग्लैंड होते हुए एस.एस. अरबिया‘ (SS Arabia) नामक जहाज़ से मुंबई के अपोलो बंदरगाह (Apollo Bunder) पर उतरे थे।
  • प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas):
    • गांधी जी के भारत आगमन की ऐतिहासिक याद में वर्ष 2003 से प्रतिवर्ष (और 2015 के बाद से हर 2 साल में) 9 जनवरी को ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
    • समिति की सिफारिश: इसकी शुरुआत डॉ. एल.एम. सिंघवी समिति (L.M. Singhvi Committee) की सिफारिश पर की गई थी।
  • भारत पहुँचने पर गांधी जी ने अपने राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले से मुलाकात की।
  • गोखले जी ने गांधी जी को सलाह दी कि वे 1 वर्ष तक केवल एकराजनीतिक पर्यवेक्षक” (Political Observer) के रूप में पूरा भारत घूमें—अपनी आँखें और कान खुले रखें, लेकिन मुँह बंद रखें ताकि वे भारत की वास्तविक स्थिति को समझ सकें।
  • प्रथम सार्वजनिक उपस्थिति (February 1916): गांधी जी ने भारत में अपना पहला सार्वजनिक भाषण (Public Speech) फरवरी 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के उद्घाटन समारोह में दिया था।
  • स्थापना तिथि एवं मूल स्थान: 25 मई 1915 को अहमदाबाद के पास कोचरब‘ (Kochrab) नामक स्थान पर बैरिस्टर जीवनलाल देसाई के मकान में सत्याग्रह आश्रम की स्थापना की गई।
  • साबरमती नदी के तट पर स्थानांतरण (1917): 1917 में कोचरब क्षेत्र में प्लेग महामारी फैलने के कारण आश्रम को अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद इसका नाम साबरमती आश्रम पड़ा।
  • सहयोगी: इस आश्रम के निर्माण के लिए प्रसिद्ध उद्योगपति अंबालाल साराभाई ने बड़ी आर्थिक सहायता दी थी।
  • आश्रम के मुख्य नियम: सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (आवश्यकता से अधिक न जोड़ना) और स्वदेशी।
  1. गांधी जी ने भारत में अपना पहला भाषण कहाँ दिया था?” — बीएचयू (BHU) उद्घाटन समारोह, वाराणसी (1916)।
  2. साबरमती आश्रम का मूल नाम क्या था?”सत्याग्रह आश्रम (1915, कोचरब)

गांधी जी के भारत के प्रथम 3 सत्याग्रह (चंपारण, अहमदाबाद और खेड़ा) अब गांधी युग पार्ट2 में विस्तार से पढ़ें!

गांधी युग पार्ट-2 (1869-1915) Quick Revision Series का यह पहला भाग महात्मा गांधी के एक साधारण बालक से राष्ट्रपिताऔर महात्मा बनने के शुरुआती सफर को दर्शाता है। दक्षिण अफ्रीका की धरती पर नस्लवाद के खिलाफ किए गए प्रयोगों ने जहाँ उनके सत्याग्रह और अहिंसाके विचारों को मजबूत किया, वहीं 1915 में भारत वापसी के बाद साबरमती आश्रम की स्थापना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नया मार्ग दिखाया।

गांधी जी का यह प्रारंभिक चरण हमें सिखाता है कि कोई भी आंदोलन रातों-रात बड़ा नहीं बनता; उसके पीछे विचारों की दृढ़ता, अनुशासन और जमीनी स्तर पर संघर्ष की एक लंबी श्रृंखला होती है।

भारत आगमन और साबरमती आश्रम की स्थापना के बाद, गांधी जी ने भारतीय राजनीति की कमान अपने हाथों में कैसे ली?

हमारी Quick Revision Series के पार्ट2 में हम निम्नलिखित अति-महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से समझेंगे:

  • भारत में गांधी जी के 3 प्रारंभिक आंदोलन: चंपारण सत्याग्रह (1917), अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918) और खेड़ा सत्याग्रह (1918)।
  • ब्रिटिश सरकार का काला कानून: रोलेट एक्ट 1919 (Rowlatt Act)।
  • इतिहास की दर्दनाक घटना: जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919)।
  • हिंदू-मुस्लिम एकता और पहला बड़ा जन-आंदोलन: खिलाफत एवं असहयोग आंदोलन (1920-1922)।

परीक्षाओं और शोध-पत्रों (BA, MA, UPSC) के लिहाज़ से सबसे प्रामाणिक पुस्तकों की सूची इस प्रकार है:

  • Gandhi, M. K. (1927). An Autobiography or The Story of My Experiments with Truth. Ahmedabad: Navajivan Publishing House.
  • Gandhi, M. K. (1928). Satyagraha in South Africa. Ahmedabad: Navajivan Publishing House.
  • Tendulkar, D. G. (1951). Mahatma: Life of Mohandas Karamchand Gandhi (Vol. 1). Bombay: Vithalbhai K. Jhaveri & D. G. Tendulkar.
  • Brown, Judith M. (1989). Gandhi: Prisoner of Hope. New Haven & London: Yale University Press.
  • Chandra, Bipan (1988). India’s Struggle for Independence. New Delhi: Penguin Books India.
  • Nanda, B. R. (1958). Mahatma Gandhi: A Biography. London: George Allen & Unwin.
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