यह चित्र गुप्त कालीन दरबार की वैभवशाली झलक प्रस्तुत करता है, जहाँ चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य कला, साहित्य और विद्या के संरक्षक के रूप में दिखाई देते हैं।
यह चित्र गुप्त कालीन दरबार की वैभवशाली झलक प्रस्तुत करता है, जहाँ चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य कला, साहित्य और विद्या के संरक्षक के रूप में दिखाई देते हैं।