अगर आप TGT-PGT, NET/SET या SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं, तो यह क्लास आपके रिवीजन के लिए काफी मददगार रहेगी। यहाँ हमने ‘भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन (भाग-1)’ के संक्षिप्त नोट्स, 50 चुनिंदा MCQs (Answer Key सहित) और ऐतिहासिक कालक्रम को एक साथ संकलित किया है। जिससे आप कम समय में अपना प्रभावी रिवीजन कर सकें।

आधुनिक भारतीय इतिहास: भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन नोट्स (TGT, PGT, NET & SSC)
नमस्कार दोस्तों,
UGC NET एवं SET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, मैं आपके लिए आधुनिक भारतीय इतिहास की एक विशेष Topic-wise Questions & Answer Series लेकर आया हूँ। इस श्रृंखला का उद्देश्य केवल तथ्यों को रटाना नहीं, बल्कि इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं, अवधारणाओं और उनके क्रम को सरल एवं व्यवस्थित तरीके से समझाना है, ताकि आप परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों का उत्तर दे सकें।
इस Series में आधुनिक भारतीय इतिहास के उन महत्वपूर्ण विषयों को क्रमवार शामिल किया जाएगा, जिनसे TGT, PGT, UGC NET, SSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
प्रत्येक Topic को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि पहले आपको संक्षिप्त एवं परीक्षा-उपयोगी Notes मिलें। इन Notes में महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ-साथ पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्नों से संबंधित प्रमुख बिंदुओं को भी शामिल करने का प्रयास किया गया है।
Notes के बाद 50 Objective Questions दिए गए हैं, जिनके माध्यम से आप अपनी तैयारी का अभ्यास और Self-Assessment कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक Topic के महत्वपूर्ण घटनाक्रम को याद रखने के लिए Chronological Timeline भी दी जाएगी, जिससे घटनाओं का क्रम आसानी से समझा और याद किया जा सके।
इस Series में आप पाएँगे:
- Topic-wise Short Notes: प्रत्येक विषय को संक्षिप्त, स्पष्ट और सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा।
- 50 Objective Questions: प्रत्येक Topic के अंत में लगभग 50 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न दिए जाएंगे।
- Answer Key: सभी प्रश्नों के उत्तर अंत में दिए जाएंगे, ताकि आप अपनी तैयारी का Self-Assessment कर सकें।
- Complete Topic Coverage: प्रत्येक विषय के महत्वपूर्ण तथ्यों और घटनाओं को व्यवस्थित रूप से शामिल किया जाएगा।
- Chronological Timeline: महत्वपूर्ण घटनाओं और तिथियों को क्रमवार दिया जाएगा, जिससे Revision आसान हो।
इस Series की प्रमुख विशेषताएँ:
Exam-Oriented Content: परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयोगी तथ्यों पर विशेष ध्यान।
- अध्ययन को आसान बनाने के लिए प्रत्येक Topic में संक्षिप्त Notes, महत्वपूर्ण घटनाओं का Timeline, अभ्यास प्रश्न और अंत में Answer Key दी गई है
- Conceptual Clarity: कठिन ऐतिहासिक घटनाओं और अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है।
- Practice Ready: 50 Objective Questions के माध्यम से आप प्रत्येक Topic की अपनी तैयारी को तुरंत परख सकते हैं।
- Quick Revision: Short Notes और Timeline परीक्षा से पहले तेजी से Revision करने में उपयोगी होंगे।
इस प्रकार, यह Series आपके लिए Modern Indian History की एक Complete Revision & Practice Resource के रूप में उपयोगी साबित हो सकती है। आप यहाँ दिए गए Short Notes से Concepts को समझ सकते हैं, Timeline से घटनाओं का क्रम याद कर सकते हैं और Objective Questions के माध्यम से अपनी तैयारी का अभ्यास कर सकते हैं।
तो आइए, आधुनिक भारतीय इतिहास को केवल रटने के बजाय समझें, घटनाओं को क्रम से जोड़ें और परीक्षा की तैयारी को अधिक प्रभावी बनाएँ।
भारत मेंयूरोपीय कंपनियों का आगमन – टाइमलाइन (1498-1763)
“1498 से 1763 तक यूरोपीय कंपनियों का भारत में आगमन टाइमलाइन – वास्को-ड-गामा का आगमन, पुर्तगाली, डच, अंग्रेज़ और फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना और उपनिवेशी प्रतिस्पर्धा।”

1498 से 1763 तक भारत में यूरोपीय कंपनियों के आगमन का टाइमलाइन इस प्रकार है:
1. पुर्तगाली (Portuguese) उपस्थिति:
- 1498: पुर्तगाल के वास्को-डि-गामा का भारत के केरल के कालीकट (मलबार तट) पर आगमन। यह समुद्री मार्ग की खोज भारतीय उपमहाद्वीप में यूरोपीय व्यापार और औपनिवेशिक प्रभाव की शुरुआत थी।
- 1500: 1500 में पेड्रो अलबारेज कैब्राल का आगमन हुआ तथा 1503 में पुर्तगालियों ने कोचीन (केरल) में अपनी पहली व्यापारिक कोठी स्थापित की।
- 1510: पुर्तगाली ने गवर्नर अल्फांसो डी अल्बुकर्क के नेतृत्व में बीजापुर के युसुफ आदिल शाह से गोवा पर कब्जा कर इसे अपना प्रशासनिक केंद्र बनाया।
- गोवा: पुर्तगालियों का एक प्रमुख गढ़ और व्यापारिक केंद्र तथा 1530 से नीनो डी कुन्हा द्वारा पुर्तगाली साम्राज्य की औपचारिक राजधानी।
- कोचीन: पुर्तगालियों का प्रथम और महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र।
2.अंग्रेजी (British) उपस्थिति:
- 1600: इंग्लैंड में 31 दिसंबर 1600 को रानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा शाही चार्टर के माध्यम से अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी (Governor and Company of Merchants of London Trading into the East Indies) की स्थापना हुई, जो आगे चलकर भारत में औपनिवेशिक शक्ति बनेगी।
- 1605-1612: अंग्रेजों ने 1611 ई. में मसूलीपट्टनम में अपना पहला अस्थायी व्यापारिक केंद्र खोला, जिसके बाद 1613 ई. में सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित की।
- सूरत: अंग्रेजों का शुरुआती और महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र।
- बंबई (मुंबई): अंग्रेजों का एक प्रमुख बंदरगाह और व्यापारिक केंद्र जो 1661 में पुर्तगालियों से दहेज में प्राप्त हुआ था।
- मद्रास (चेन्नई): अंग्रेजों का दक्षिण भारत में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र (फोर्ट सेंट जॉर्ज)।
यह भी पढ़ें: Battle of Buxar 1764: East India Company vs Mughal, Awadh & Bengal
3. डच (Dutch) उपस्थिति:
- 1602: डच ईस्ट इंडिया कंपनी (Vereenigde Oostindische Compagnie – VOC) की स्थापना, जिन्होंने 1605 में आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम (मसूलीपट्टनम) में अपनी फैक्ट्री खोली।
- मसूलीपट्टनम (मछलीपट्टनम): डचों का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र।
4. फ्रांसीसी (French) उपस्थिति:
- 1664: फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना, जिसने पुड्डुचेरी में ठिकाना बनाया। फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी ‘कंपनी देस इंदेस ओरिएंटलेस’ की स्थापना सम्राट लुई 14वें के मंत्री कोलबर्ट के प्रयासों से हुई।
- 1673-74: फ्रेंकोइस मार्टिन ने पांडिचेरी की स्थापना की और इसे अपना मुख्य गढ़ बनाया।
- 1757: प्लासी का युद्ध, जिसमें अंग्रेजों ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को हराकर भारत में राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित किया।
- 1763: तीसरे कर्नाटक युद्ध के बाद फ्रांसीसियों को भारत में अंग्रेजों से पराजय (1760 वांडिवाश का युद्ध), जिससे भारत में अंग्रेजों का दबदबा बढ़ा।
- पुडुचेरी (पांडिचेरी): फ्रांसीसियों का सबसे महत्वपूर्ण गढ़ और व्यापारिक केंद्र।
- चंदननगर: फ्रांसीसियों का एक और व्यापारिक केंद्र।
5. डेनिश (Danish) उपस्थिति:
- 1616: डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी का गठन और भारत में आगमन।
- त्रावनकोर (त्रावणकोर / ट्रेंकेबार): 1620 में तमिलनाडु के ट्रेंकेबार में पहली फैक्ट्री स्थापित।
- श्रीरामपुर (सेरमपुर – बंगाल): डेनिश लोगों का एक और मुख्य व्यापारिक केंद्र।
सारांश
इस काल में यूरोपीय कंपनियों का आगमन मुख्यतः व्यापार की खोज से शुरू हुआ, लेकिन समय के साथ उनके राजनीतिक दखल ने भारत के इतिहास को गहरा रूप दिया। पुर्तगाली, सबसे पहले आये, फिर ईस्ट इंडिया कंपनी, डच, अंग्रेज, फ्रेंच, और डेनिश भारत में आए, जिन्होंने अंततः ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी।
मुख्य पात्र एवं यूरोपीय शक्तियाँ (Cast of Characters)
यह सूची उन यूरोपीय देशों और उनकी शक्तियों को दर्शाती है जिन्होंने भारत में व्यापारिक केंद्र स्थापित किए:
- पुर्तगाली (Portuguese): संक्षिप्त विवरण: भारत आने वाली पहली यूरोपीय शक्ति (1498)। उन्होंने गोवा, दमन, दीव और कोचीन जैसे स्थानों पर महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र स्थापित किए, जिसका मुख्य उद्देश्य मसालों का व्यापार और ईसाई धर्म का प्रचार (कार्तज-आर्मेडा-काफिला व्यवस्था) था।
- डच (Dutch): संक्षिप्त विवरण: पुर्तगालियों के बाद भारत आने वाली यूरोपीय शक्ति (1596/1602)। उन्होंने मसूलीपट्टनम, पुलिकट और सूती वस्त्र व्यापार में महत्वपूर्ण केंद्र स्थापित किए।
- अंग्रेज (English/British): संक्षिप्त विवरण: 1600 ई. में स्थापित ईस्ट इंडिया कंपनी के माध्यम से भारत आए। सूरत, बंबई, कोलकाता और मद्रास में केंद्र स्थापित कर धीरे-धीरे व्यापारिक उपस्थिति को साम्राज्यवादी राजनीतिक सत्ता में बदला।
- डेनिश (Danish): संक्षिप्त विवरण: 1616 में आगमन। ट्रेंकेबार और श्रीरामपुर में केंद्र स्थापित किए। 1845 तक इन्होंने अपनी सभी बस्तियाँ अंग्रेजों को बेच दीं।
- फ्रांसीसी (French): संक्षिप्त विवरण: अंग्रेजों के सबसे प्रमुख यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी (1664)। पुडुचेरी और चंदननगर इनके मुख्य केंद्र थे। गवर्नर डुप्ले की नीति के कारण अंग्रेजों के साथ तीन ‘कार्नाटिक युद्ध’ हुए।
भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन: प्रमुख घटनाएँ और महत्वपूर्ण तथ्य

अगर देखा जाय तो प्राचीन काल से ही यूरोप से विदेशियों का आगमन भारत में हो रहा था। भारत की व्यापारिक सम्पदा से आकर्षित ये भारत आते रहते थे। 15 वी शताव्दी में हुई कुछ भौगोलिक खोजो ने संसार के विभिन्न देशो में आपसी संपर्क स्थापित किया। इस प्रयास के अंतर्गत कोलंबस स्पेन से भारत के समुद्री मार्ग के खोज में चल कर अमेरिका (1492) पहुँच गया। ‘बार्थोलेम्यू डायज’ 1487 में ‘ आशा अंतरीप (Cape of Good Hope) पहुँचा।
भारत में समुद्री मार्ग की खोज के बाद सबसे पहले वास्को-दि-गामा 17 मई / 20 मई 1498 ई. में भारत के पूर्वी तट पर स्थित बंदरगाह कालीकट पहुँचा।कालीकट के तत्कालीन शासक जमोरिन (Samuthiri) ने वास्को-दि-गामा का स्वागत किया, यही से यूरोपीय उपनिवेशवाद की नींव रखी गई। भारत आने वाला पहला यूरोपीय भी वास्को-दि-गामा ही था।
पुर्तगालियों ने 1510 में ( अल्बुकर्क के समय) गोवा पर अधिकार कर लिया तथा उनका पहला व्यापारिक केंद्र कोचीन था। भारत में उनकी शक्ति का अंतिम अवशेष गोवा, दमन और दीव थे।
पुर्तगालियों के बाद भारत आने वाली दूसरी शक्ति डच थी, जिन्होंने 1602 में अपनी ईस्ट इंडिया कंपनी स्थापित की और पहला कारखाना मसुलीपट्टनम में खोला। अंग्रेजों ने उन्हें 1759 में होगली युद्ध ( बेदरा / बेदरा-हुगली का युद्ध) में पराजित किया और 1760 के वांडिवाश युद्ध में उनकी शक्ति का अंत हुआ।
अंग्रेजों ने 1600 में ईस्ट इंडिया कंपनी बनाई। उनका पहला जहाज हैक्टर, कैप्टन हॉकिंस के नेतृत्व में 1608 में सूरत पहुँचा। व्यापार की शाही अनुमति उन्हें जहाँगीर से मिली। पहला कारखाना भी सूरत में स्थापित हुआ। 1639 में उन्हें मद्रास (फोर्ट सेंट जॉर्ज) मिला और 1661 में बॉम्बे पुर्तगालियों से शाही विवाह (ब्रिटेन के सम्राट चार्ल्स द्वितीय और पुर्तगाल की राजकुमारी कैथरीन के विवाह) द्वारा दहेज स्वरूप प्राप्त हुआ, जिसे 1668 में 10 पौंड वार्षिक किराए पर ईस्ट इंडिया कंपनी को दे दिया गया।
यह भी पढ़ें: Battle of Plassey 1757: East India Company vs Bengal Nawab
फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1664 ई. में फ्रांसीसी शासक लुई चौदहवें के शासनकाल (मंत्री कोलबर्ट के प्रयास) में हुई और उन्होंने 1674 में पांडिचेरी में कारखाना/मुख्यालय खोला, जो उनका मुख्यालय बना। उनके अन्य केंद्र चंद्रनगर, करैकल और माहे थे।
फ्रांसीसी गवर्नर डुप्ले का नाम कर्नाटक युद्धों से जुड़ा है। 1746–1763 के तीन कर्नाटक युद्धों में अंतिम निर्णायक विजय अंग्रेजों ने 1760 के वांडिवाश युद्ध (सर आयरकूट के नेतृत्व में) में प्राप्त की। अंततः 1763 की पेरिस संधि से फ्रांसीसी पराजित हुए और भारत में अंग्रेजी प्रभुत्व स्थापित हुआ।
डेनिश व्यापारियों ने 1616 में कंपनी बनाई और उनका प्रमुख केंद्र ट्रेंकेबार (तमिलनाडु) तथा सेरमपुर (बंगाल) था। यूरोपीय शक्तियों में सबसे अंत तक भारत में बने रहने वाले पुर्तगाली थे, जिनका गोवा 1961 (ऑपरेशन विजय) तक भारत के अधीन नहीं आया था।
अन्य तथ्यों में उल्लेखनीय है कि भारत में भारत में तंबाकू की खेती,आलू,लाल मिर्च और प्रिंटिंग प्रेस (छपाई की मशीन – 1556) पुर्तगालियों ने प्रारंभ की। सबसे पहले तटीय किले और गोथिक स्थापत्य कला भी उन्होंने ही शुरू की। साथ ही, सर्वप्रथम ईसाई मिशनरियों को भारत भेजने का कार्य पुर्तगालियों ने किया,जबकि प्रोटेस्टेंट ईसाई धर्म का प्रचार डेनमार्कियों (डेनिश) ने किया।
इस प्रकार, यूरोपीय कंपनियों का आगमन और संघर्ष अंततः अंग्रेजी सत्ता की विजय और प्रभुत्व में परिणत हुआ।
Quick Revision: भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन
- 1498 — वास्को-डि-गामा कालीकट (केरल) पहुँचा।
- 1600 — अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
- 1602 — डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
- 1616 — डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
- 1664 — फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
- 1759 — बेदरा का युद्ध (अंग्रेजों द्वारा डच पराजित)।
- 1760 — वांडिवाश के युद्ध में अंग्रेजों की फ्रांसीसियों पर निर्णायक विजय।
- 1763 — पेरिस की संधि; भारत में फ्रांसीसी राजनीतिक प्रभाव समाप्त।
Exam Short-Trick (भारत आगमन का सही क्रम):
“पुत्र अड़ा, डैड फंसा”
- पुत्र = पुर्तगाली (1498 ई.)
- अ = अंग्रेज (1600 ई.)
- ड़ा = डच (1602 ई.)
- डैड = डेनिश (1616 ई.)
- फंसा = फ्रांसीसी (1664 ई.)
स्व-मूल्यांकन एवं अभ्यास प्रश्न (Q.1 से Q.50)
Q.1 वास्को-दि-गामा भारत में कहाँ उतरा था? (TGT 2019, PGT 2021, NET 2020, SSC CGL 2018)
(A) सूरत (B) कालीकट (C) मुंबई (D) मद्रास
Q.2 भारत आने वाला पहला यूरोपीय कौन था? (SSC CGL 2017, TGT 2020, NET 2018, PGT 2019)
(A) बार्थोलोम्यू डियास (B) वास्को-दि-गामा (C) अल्बुकर्क (D) फ्रांसिस्को-डी-आल्मेडा
Q.3 पुर्तगालियों ने गोवा पर अधिकार कब किया? (SSC CHSL 2020, PGT 2018, NET 2017, TGT 2022)
(A) 1498 (B) 1510 (C) 1600 (D) 1664
Q.4 पुर्तगालियों ने सबसे पहले भारत में व्यापारिक केंद्र कहाँ स्थापित किया? (NET 2019, TGT 2021, SSC GD 2018, PGT 2020)
(A) सूरत (B) कोचीन (C) मद्रास (D) दीव
Q.5 पुर्तगालियों की भारत में शक्ति का अंतिम अवशेष कौन-सा क्षेत्र था? (TGT 2018, PGT 2021, NET 2016, SSC CGL 2019)
(A) गोवा (B) दमन (C) दीव (D) उपरोक्त सभी
Q.6 पुर्तगालियों के बाद भारत आने वाले दूसरे यूरोपीय कौन थे? (PGT 2017, NET 2020, SSC CHSL 2019, TGT 2020)
(A) डच (B) अंग्रेज (C) फ्रांसीसी (D) डेनिश
Q.7 डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब हुई? (SSC CGL 2016, NET 2018, TGT 2021, PGT 2019)
(A) 1592 (B) 1602 (C) 1608 (D) 1616
Q.8 डचों का पहला कारखाना भारत में कहाँ था? (TGT 2019, PGT 2021, NET 2015, SSC MTS 2018)
(A) सूरत (B) मसुलीपट्टनम (C) पुरी (D) मद्रास
Q.9 पलाशी का युद्ध (1757) किनके बीच लड़ा गया? (SSC CGL 2018, NET 2020, TGT 2022, PGT 2017)
(A) अंग्रेज और डच (B) अंग्रेज और बंगाल के नवाब (C) अंग्रेज और पुर्तगाली (D) अंग्रेज और फ्रांसीसी
Q.10 होगली (बंगाल) में डचों को किसने पराजित किया? (PGT 2016, SSC GD 2019, NET 2017, TGT 2018)
(A) शेरशाह (B) औरंगजेब (C) अंग्रेज (D) फ्रांसीसी
Q.11 अंग्रेजों का पहला कारखाना भारत में कहाँ स्थापित हुआ? (TGT 2019, PGT 2018, SSC CGL 2017, NET 2016)
(A) मद्रास (B) सूरत (C) बंबई (D) कालीकट
Q.12 अंग्रेजों का पहला जहाज “हैक्टर” कब और कहाँ पहुँचा? (PGT 2020, SSC CHSL 2018, NET 2019, TGT 2021)
(A) 1608, सूरत (B) 1602, मद्रास (C) 1611, होगली (D) 1616, मसुलीपट्टनम
Q.13 अंग्रेजों को भारत में व्यापार की अनुमति किस शासक ने दी? (NET 2020, SSC MTS 2017, TGT 2018, PGT 2021)
(A) अकबर (B) जहांगीर (C) शाहजहाँ (D) औरंगजेब
Q.14 अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब हुई? (SSC CGL 2016, NET 2017, PGT 2019, TGT 2020)
(A) 1599 (B) 1600 (C) 1602 (D) 1608
Q.15 मद्रास (फोर्ट सेंट जॉर्ज) अंग्रेजों को किससे प्राप्त हुआ? (SSC CHSL 2020, TGT 2019, PGT 2018, NET 2015)
(A) गोलकुंडा के राजा से (B) बिजापुर सुल्तान से (C) विजयनगर के नायक से (D) पुर्तगालियों से
Q.16 बॉम्बे अंग्रेजों को पुर्तगालियों से किसके माध्यम से मिला? (PGT 2021, SSC GD 2019, NET 2018, TGT 2020)
(A) व्यापार संधि (B) उपहार स्वरूप (C) शाही विवाह (D) युद्ध विजय
Q.17 बॉम्बे अंग्रेजों को किस वर्ष प्राप्त हुआ? (SSC MTS 2018, NET 2020, PGT 2017, TGT 2019)
(A) 1639 (B) 1661 (C) 1668 (D) 1707
Q.18 पांडिचेरी में फ्रांसीसी कारखाना कब स्थापित हुआ? (SSC CGL 2017, NET 2019, PGT 2020, TGT 2021)
(A) 1664 (B) 1674 (C) 1686 (D) 1699
Q.19 भारत में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब हुई? (NET 2016, SSC CHSL 2018, TGT 2018, PGT 2021)
(A) 1600 (B) 1602 (C) 1616 (D) 1664
Q.20 कार्नाटिक युद्ध मुख्यतः किनके बीच हुए? (PGT 2016, SSC CGL 2019, NET 2017, TGT 2019)
(A) अंग्रेज और पुर्तगाली (B) अंग्रेज और फ्रांसीसी (C) डच और अंग्रेज (D) अंग्रेज और डेनिश
Q.21 प्रथम कार्नाटिक युद्ध किस संधि से समाप्त हुआ? (SSC CGL 2018, NET 2019, PGT 2017, TGT 2020)
(A) पेरिस संधि (B) ऐक्स-ला-चैपल संधि (C) पांडिचेरी संधि (D) मद्रास संधि
Q.22 द्वितीय कार्नाटिक युद्ध किस संधि से समाप्त हुआ? (PGT 2020, SSC CHSL 2017, NET 2018, TGT 2019)
(A) मद्रास संधि (B) पेरिस संधि (C) ऐक्स-ला-चैपल संधि (D) अलीनगर संधि
Q.23 तृतीय कार्नाटिक युद्ध किस वर्ष समाप्त हुआ? (SSC MTS 2019, NET 2017, PGT 2019, TGT 2021)
(A) 1754 (B) 1761 (C) 1763 (D) 1765
Q.24 तृतीय कार्नाटिक युद्ध किस संधि से समाप्त हुआ? (NET 2018, SSC CGL 2016, TGT 2018, PGT 2021)
(A) पेरिस संधि (B) ऐक्स-ला-चैपल संधि (C) मद्रास संधि (D) बेसिन संधि
Q.25 भारत में डेनमार्कियों का मुख्य व्यापारिक केंद्र कहाँ था? (PGT 2016, NET 2019, SSC GD 2020, TGT 2019)
(A) पांडिचेरी (B) सेरमपुर (श्रिरामपुर) (C) दीव (D) चंद्रनगर
Q.26 फ्रांसीसी गवर्नर डुप्ले का नाम किससे जुड़ा है? (SSC CGL 2017, NET 2020, PGT 2019, TGT 2020)
(A) बंगाल विजय (B) कार्नाटिक युद्ध (C) मराठा संघर्ष (D) डच युद्ध
Q.27 रॉबर्ट क्लाइव का नाम किस युद्ध से जुड़ा है? (SSC CHSL 2018, NET 2016, TGT 2018, PGT 2020)
(A) बक्सर का युद्ध (B) प्लासी का युद्ध (C) कार्नाटिक युद्ध (D) पेरिस संधि
Q.28 फ्रांसीसियों का प्रमुख ठिकाना पांडिचेरी किसके समय खो गया? (PGT 2018, NET 2017, SSC CGL 2019, TGT 2021)
(A) प्रथम कार्नाटिक युद्ध (B) द्वितीय कार्नाटिक युद्ध (C) तृतीय कार्नाटिक युद्ध (D) बक्सर का युद्ध
Q.29 1759 में डचों को किस युद्ध में अंग्रेजों ने पराजित किया? (NET 2020, SSC GD 2017, PGT 2021, TGT 2019)
(A) मसुलीपट्टनम युद्ध (B) होगली युद्ध (C) बक्सर युद्ध (D) वांडिवाश युद्ध
Q.30 भारत में डचों की शक्ति का अंत किस युद्ध से हुआ? (PGT 2017, SSC CGL 2018, NET 2016, TGT 2020)
(A) प्लासी का युद्ध (B) होगली का युद्ध (C) वांडिवाश का युद्ध (D) मद्रास युद्ध
Q.31 किस यूरोपीय शक्ति ने भारत में तंबाकू की खेती प्रारंभ की? (SSC CHSL 2016, NET 2019, TGT 2018, PGT 2020)
(A) अंग्रेज (B) पुर्तगाली (C) डच (D) फ्रांसीसी
Q.32 भारत में प्रोटेस्टेंट ईसाई धर्म का प्रचार किसने किया? (PGT 2019, SSC GD 2018, NET 2017, TGT 2020)
(A) अंग्रेजों ने (B) डचों ने (C) डेनिश ने (D) पुर्तगालियों ने
Q.33 किस यूरोपीय शक्ति ने त्रिचुरापल्ली (दक्षिण भारत) में अपना प्रभाव जमाने का प्रयास किया? (NET 2020, SSC CGL 2019, PGT 2018, TGT 2021)
(A) फ्रांसीसी (B) अंग्रेज (C) पुर्तगाली (D) डच
Q.34 भारत में सबसे पहले छपाई की मशीन किसने स्थापित की? (SSC CHSL 2017, NET 2016, PGT 2020, TGT 2019)
(A) अंग्रेजों ने (B) पुर्तगालियों ने (C) फ्रांसीसियों ने (D) डचों ने
Q.35 चंद्रनगर (बंगाल) किस यूरोपीय शक्ति का प्रमुख केंद्र था? (PGT 2016, SSC CGL 2018, NET 2017, TGT 2018)
(A) पुर्तगाली (B) डच (C) फ्रांसीसी (D) डेनिश
Q.36 पुर्तगाली गवर्नर अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने किसे जीतकर अपनी राजधानी बनाई? (NET 2019, SSC GD 2016, PGT 2021, TGT 2020)
(A) कोचीन (B) गोवा (C) दमन (D) दीव
Q.37 फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्यालय कहाँ था? (SSC MTS 2018, NET 2020, PGT 2019, TGT 2021)
(A) पांडिचेरी (B) चंद्रनगर (C) करैकल (D) माहे
Q.38 मद्रास की संधि (1769) किनके बीच हुई? (PGT 2018, NET 2017, SSC CHSL 2019, TGT 2020)
(A) अंग्रेज और पुर्तगाली (B) अंग्रेज और फ्रांसीसी (C) अंग्रेज और हैदर अली (D) अंग्रेज और डच
Q.39 वांडिवाश का युद्ध (1760) किनके बीच हुआ? (SSC CGL 2016, NET 2018, PGT 2017, TGT 2019)
(A) अंग्रेज और पुर्तगाली (B) अंग्रेज और डच (C) अंग्रेज और फ्रांसीसी (D) अंग्रेज और मराठा
Q.40 वांडिवाश की विजय के बाद भारत में किसकी श्रेष्ठता स्थापित हुई? (PGT 2021, NET 2020, SSC GD 2017, TGT 2018)
(A) पुर्तगाली (B) डच (C) अंग्रेज (D) फ्रांसीसी
Q.41 पुर्तगालियों ने दीव पर अधिकार किस सुल्तान से लिया? (SSC CGL 2019, NET 2016, PGT 2020, TGT 2021)
(A) बहलुल लोदी (B) बहादुर शाह (गुजरात) (C) हुमायूँ (D) अकबर
Q.42 फ्रांसीसियों का कारखाना “माहे” किस प्रदेश में था? (PGT 2016, SSC CHSL 2018, NET 2017, TGT 2019)
(A) बंगाल (B) उड़ीसा (C) केरल (D) महाराष्ट्र
Q.43 किस यूरोपीय शक्ति ने सर्वप्रथम “तटीय किले” बनवाए? (SSC MTS 2017, NET 2019, PGT 2018, TGT 2020)
(A) पुर्तगाली (B) अंग्रेज (C) फ्रांसीसी (D) डच
Q.44 यूरोपीय व्यापारियों में सबसे पहले किसने ईसाई मिशनरियों को भारत भेजा? (PGT 2019, NET 2016, SSC CGL 2018, TGT 2018)
(A) डच (B) पुर्तगाली (C) फ्रांसीसी (D) अंग्रेज
Q.45 भारत में यूरोपीय कंपनियों के बीच सबसे पहले किसका संघर्ष हुआ? (SSC GD 2016, NET 2020, PGT 2017, TGT 2019)
(A) पुर्तगाली और डच (B) अंग्रेज और डच (C) अंग्रेज और पुर्तगाली (D) अंग्रेज और फ्रांसीसी
Q.46 अंग्रेजों ने सर्वप्रथम फैक्ट्री किस भारतीय शासक की अनुमति से स्थापित की? (NET 2017, SSC CHSL 2019, PGT 2020, TGT 2018)
(A) अकबर (B) जहांगीर (C) शाहजहाँ (D) औरंगजेब
Q.47 फ्रांसीसियों का कारखाना “करैकल” कहाँ था? (PGT 2016, SSC CGL 2017, NET 2019, TGT 2020)
(A) बंगाल (B) कर्नाटक (C) गुजरात (D) महाराष्ट्र
Q.48 डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना पहला कारखाना कहाँ बनाया? (SSC MTS 2018, NET 2018, PGT 2019, TGT 2021)
(A) मद्रास (B) सूरत (C) त्रंकेबार (D) कोचीन.
Q.49 फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना किसके शासनकाल में हुई? (PGT 2017, SSC CGL 2016, NET 2020, TGT 2019)
(A) लुई चौदहवें (B) लुई पंद्रहवें (C) लुई सोलहवें (D) नेपोलियन
Q.50 किस यूरोपीय शक्ति ने सबसे अंत तक भारत में अपने उपनिवेश बनाए रखे? (SSC GD 2018, NET 2019, PGT 2021, TGT 2020)
(A) अंग्रेज (B) फ्रांसीसी (C) डच (D) पुर्तगाली
उत्तर कुंजी (Answer Key: Q.1 से Q.50)
विद्यार्थियों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर: भारत में समुद्री मार्ग से आने वाला पहला यूरोपीय यात्री वास्को-डी-गामा था। वह 17 मई 1498 ई. को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप मार्ग से होते हुए भारत के पश्चिमी तट स्थित कालीकट बंदरगाह पहुँचा। इस घटना ने भारत और यूरोप के बीच प्रत्यक्ष समुद्री व्यापार का मार्ग खोल दिया।
उत्तर: पुर्तगालियों के आगमन से भारत में यूरोपीय व्यापारिक शक्तियों के प्रवेश की शुरुआत हुई। उन्होंने गोवा पर अधिकार स्थापित किया और भारत में अपने व्यापारिक केंद्र बनाए। पुर्तगाली भारत में तंबाकू, मुद्रण कला और ईसाई मिशनरियों के आगमन के लिए भी जाने जाते हैं।
उत्तर: अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1600 ई. में हुई थी। अंग्रेजों का पहला प्रमुख व्यापारिक केंद्र सूरत में स्थापित हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने मद्रास, बंबई और कलकत्ता जैसे केंद्रों के माध्यम से भारत में अपनी शक्ति का विस्तार किया।
उत्तर: भारत में प्रभुत्व स्थापित करने के लिए अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच कर्नाटक युद्ध हुए। 1760 ई. के वांडिवाश युद्ध में अंग्रेजों की निर्णायक विजय हुई। इसके बाद भारत में फ्रांसीसी राजनीतिक प्रभाव सीमित हो गया और अंग्रेजों की शक्ति बढ़ने लगी।
उत्तर: यूरोपीय कंपनियाँ मुख्य रूप से व्यापार के उद्देश्य से भारत आई थीं, लेकिन आपसी प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक संघर्ष के कारण अंग्रेज सबसे शक्तिशाली बनकर उभरे। अंततः अंग्रेजों ने भारत में अपना राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित किया और आधुनिक भारतीय इतिहास में एक नए युग की शुरुआ
प्रामाणिक संदर्भ पुस्तकें एवं अध्ययन स्रोत
- डॉ. बी. एल. ग्रोवर एवं अलका मेहता (2022) – आधुनिक भारतीय इतिहास का नवीन मूल्यांकन – एस. चंद एंड कंपनी लिमिटेड, नई दिल्ली।
- विपिन चंद्र (2020) – आधुनिक भारत का इतिहास – ओरिएंट ब्लैकस्वॉन, नई दिल्ली।
- डॉ. के. सी. श्रीवास्तव (2021) – प्राचीन एवं आधुनिक भारत का इतिहास – यूनाइटेड बुक डिपो, प्रयागराज।
- सुमित सरकार (2018) – आधुनिक भारत: 1885–1947 – राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली।
- डॉ. हरीशचंद्र वर्मा (2019) – मध्यकालीन एवं आधुनिक भारत का इतिहास (भाग 2) – हिंदी माध्यम कार्यान्वयन निदेशालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली।
नोट: उपर्युक्त सभी संदर्भ ग्रंथ प्रामाणिक इतिहासकारों द्वारा रचित हैं तथा विश्वविद्यालयीय पाठ्यक्रमों एवं उच्च-स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं (UGC NET/JRF, Assistant Professor, UPSC) के लिए पूर्णतः प्रामाणिक माने जाते हैं।
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Dr. Om Prakash Singh
Assistant Professor & Head, Department of History
Constituent Government College, Thakurdwara, Moradabad (U.P)
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