हुमायूँ की कठिनाइयाँ और असफलता के कारण | शेरशाह से पराजय और चरित्र का आलोचनात्मक मूल्यांकन
मुगल सम्राट हुमायूँ का जीवन उतार–चढ़ाव और संघर्षों से भरी एक रोमांचक यात्रा जैसा था। सत्ता संभालने के तुरंत बाद ही उसे भाइयों की प्रतिस्पर्धा, अफ़गानों के विद्रोह और शेरशाह सूरी जैसी मज़बूत ताक़तों से जूझना पड़ा। कई बार पराजय का सामना करने के बावजूद हुमायूँ ने हार नहीं मानी। कठिन परिस्थितियों में निर्वासन झेलते

